Wednesday, 13 July 2011

धर्म निरपेक्ष

वह किसी बड़े  देश का राजा था . उसके बारे में लोग कहते थे कि वह धर्म निरपेक्ष था . एक दिन वह अपने काफिले के साथ कहीं जा रहा था. रास्ते में उसे एक विशाल गिरजाघर मिला. गिरजाघर बहुत सुन्दर था . उसके मीनार में संगमरमर लगे थे . उसके फर्श और दीवारें सस्ते पत्थर के बने थे . 


उस गिरजाघर को देखकर राजा ने अपने मंत्रियों से कहा.  इस गिरजाघर के पास एक मंदिर बनाओ , जिसके दीवार , मीनार और फर्श पुरे संगमरमर के हों . आखिर लोग मुझे धर्म निरपेक्ष कैसे कहेंगे .  मेरे शासन में हर गिरजा घर के साथ साथ मंदिर होना चाहिए .


अब वहां मंदिर भी है. लोगों ने राजा के इस कृत्य के लिए उस राजा कि खूब जयजयकार की . आज भी उस देश में उसी राजा का राज है . 




मंसूर 

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